यूपी -सोनभद्र
दिनांक -27/7/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

NCL बीना प्रबंधन की लापरवाही मजदूरों, कर्मचारियों के लिए बनी बड़ी मुसिबत

सोमवार दोपहर बाद हुई बरसात से व्यवस्था कि पोल खोल कर रख दिया
सोनभद्र। भारत सरकार कि मिनी रत्न कहे जाने वाली एनसीएल कि परियोजनाओं में विकास कार्यों के नाम पर बड़े -बडे दावे किए जाते हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। ताज़ा मामला सोमवार दोपहर बाद देखने को मिला जहां दोपहर बाद हुई बरसात से एनसीएल बीना परियोजना खदान प्रवेशद्वार जलमग्न हो गया जिससे ड्यूटी आने-जाने वाले कर्मचारियों, मजदूरों को भारी मुसिबतो का सामना करना पड़ा। जल निकासी के लिए नाली निर्माण के लिए लिए लाखों रुपये का टेंडर होने के बावजूद हर वर्ष बरसात के दौरान ऐसे ही स्थिति देखने को मिलती हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रबंधन जल निकासी को लेकर गंभीर नहीं है आखिर क्या कारण है कि जल निकासी का स्थाई समाधान नहीं हो पा रहा है। आखिर लाखों का टेंडर किस कार्यदाई संस्था को दिया गया जिसमें भारी अनियमितताएं देखने को मिल रही है। क्या कार्य करने वाले ठेकेदार के पास इस कार्य को करने का अनुभव था , क्या कार्य करने वाले लोग पहले इस तरह के निर्माण कार्य किए थे? आखिर जवाबदेही किसकी है। हर वर्ष कर्मचारियों व मजदूरों को गंदे पानी से गुजरना पड़ता है जबतक पानी का जलस्तर कम न हो जाए। समुचित जल निकासी न होना बड़े भ्रष्टाचार कि ओर कर रहा इशारा। सोशल मीडिया पर लोगों ने जलमग्न व्यवस्था का वीडियो शेयर कर बीना परियोजना प्रबंधन कि कुव्यवस्था को दिखा रहे हैं।
News Point 24×7

News Point 24×7