यूपी -सोनभद्र
दिनांक -8/9/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

सोनभद्र। सोनभद्र पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अंधविश्वास और भावनाओं के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का चोपन पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत थाना चोपन पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 13 वर्ष से लापता युवक बनकर उसके परिवार से 6 लाख रुपये ठगने का प्रयास करने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

वीओ – खबरों के अनुसार रामसूरत साहनी के साले का पुत्र पिछले 13 वर्षों से लापता था। इसी का फायदा उठाते हुए गिरोह के दो सदस्य नाग पंचमी के अवसर पर साधु के वेश में मध्य प्रदेश के गढ़वा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पीपरझगर पहुंचे। वहां उन्होंने परिवार से संपर्क कर स्वयं को 13 वर्षों से लापता युवक बताया और परिवार व रिश्तेदारों के बारे में पहले से जुटाई गई जानकारी के आधार पर विश्वास में लेना शुरू किया।
आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से भावनात्मक जाल बुना। कथित युवक के परिवार से मिलने पर रोने का नाटक किया गया और लंबे समय बाद घर वापसी का माहौल बनाया गया। परिवार को बातचीत के लिए एक मोबाइल नंबर भी दिया गया ।इसके बाद परिवार को विंध्याचल बुलाया गया। लापता बेटे के मिलने की उम्मीद में परिजन विंध्याचल पहुंचे, जहां आरोपियों ने खुद को परिवार का बेटा साबित करने के लिए शरीर पर मौजूद निशान भी दिखाए।
वीओ – पुलिस अनुसार गुरु दक्षिणा एवं भंडारे के नाम पर 6 लाख की डिमांड । परिजनों को विश्वास में लेने के बाद कथित युवक ने गुरु की आज्ञा का हवाला देते हुए घर जाने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि गुरु को दक्षिणा देनी है और 4 हजार लोगों को 4 बार भोजन कराना है, जिसके लिए 6 लाख रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर परिवार में गंभीर बीमारियां होने और परिवार के बर्बाद होने की बात कहकर डर और अंधविश्वास का माहौल बनाया गया।
परिवार द्वारा आर्थिक तंगी की बात कहने पर आरोपियों ने मांग घटाकर 5 लाख रुपये कर दी। लापता बेटे को पाने की चाह में परिवार आरोपियों की बातों में आ गया और पशु, मकान और जमीन तक गिरवी रखकर रुपये जुटाने का प्रयास शुरू कर दिया।
वीओ – अभियुक्त लगातार परिवार को अलग-अलग स्थानों पर बुलाया पहले विंध्याचल, फिर मुगलसराय की ओर बुलाया। बाद में कथित युवक ने कहा कि खाते में सिर्फ 1 लाख रुपये भेज दो। परिवार के एक सदस्य ने अभियुक्तों के बताए खाते में 1 लाख रुपये भेज भी दिए, जिसके बाद आरोपी फिर से 1 लाख से अधिक की मांग करने लगे। लगातार बढ़ती मांग और संदिग्ध गतिविधियों से परेशान होकर परिवार ने थाना चोपन पुलिस को सूचना दी।
वीओ – शिकायत मिलते ही थाना चोपन पर बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
वीओ – पुलिस अनुसार पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे लंबे समय से इसी तरह लोगों को शिकार बनाते हैं। पहले ऐसे परिवारों की जानकारी जुटाते हैं जिनका कोई बेटा, बेटी या परिजन लंबे समय से लापता हो, फिर पूरी योजना बनाकर साधु या अन्य वेश में पहुंचकर भावनात्मक दबाव, डर और अंधविश्वास का सहारा लेकर रुपये ऐंठते हैं। आरोपियों ने उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी ऐसी ठगी करने की बात कबूली है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व में की गई घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।
झुरा गोसाईं पुत्र छोटकउ, उम्र 46 वर्ष, निवासी खमउआ, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर, सिन्टू पुत्र भगई, उम्र 29 वर्ष, निवासी पूरे तिवारी, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर, सेहालु उर्फ सेलू पुत्र छोटकउ, उम्र 66 वर्ष, निवासी खमउआ, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर, संगल प्रसाद पुत्र भगेलू गोसाईं, उम्र 29 वर्ष, निवासी पूरे तिवारी, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर।
बाइट ( अभिषेक वर्मा एसपी सोनभद्र)
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