Breaking News
Home / देश / *सिंगरौली पुलिस की सतर्कता एवं साइबर जागरूकता से परिवार 70 हजार की साइबर ठगी एवं फर्जी डिजिटल अरेस्ट का शिकार होने से बचा*

*सिंगरौली पुलिस की सतर्कता एवं साइबर जागरूकता से परिवार 70 हजार की साइबर ठगी एवं फर्जी डिजिटल अरेस्ट का शिकार होने से बचा*


सिंगरौली मध्यप्रदेश

 

दिनांक -7/7/2026

 

रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

 

 

 

सेफ क्लिक 2.0 साइबर जागरुकता अभियान ने सिंगरौली निवासी को साइबर ठगी से बचाया

 

 

सिंगरौली। पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देशन में संचालित प्रदेशव्यापी SAFE CLICK-2026 साइबर जागरूकता अभियान 2.0 का सकारात्मक प्रभाव अब जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पुलिस अधीक्षक षियाज के एम के नेतृत्व में सिंगरौली पुलिस द्वारा निरंतर चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के परिणामस्वरूप एक परिवार बड़ी साइबर ठगी एवं फर्जी डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध का शिकार होने से सुरक्षित बच गया। 7 जुलाई 2026 को आयोजित जनसुनवाई में एक फरियादी परिवार ने उपस्थित होकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा को बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस एवं सिंगरौली पुलिस द्वारा संचालित SAFE CLICK-2026 अभियान के दौरान प्राप्त साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी एवं जागरूकता के कारण वे एक बड़ी साइबर धोखाधड़ी से बच सके। फरियादी के अनुसार आज सुबह उनकी बेटी शबनम आरा के मोबाइल पर एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल प्राप्त हुई। कॉल करने वाले ने अपनी प्रोफाइल पर पुलिस अधिकारी की फोटो लगा रखी थी और स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि आपका बच्चा गलत कार्यों में पकड़ा गया है। उसे स्कूल से पुलिस हिरासत में ले लिया गया है, और उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यदि आप चाहते हैं कि उसे छोड़ दिया जाए तो तत्काल 70,000 हजार रुपये इस QR Code के माध्यम से जमा कर दें, तथा किसी को इसकी जानकारी न दें। महिला को भयभीत करने के लिए कॉल के दौरान पृष्ठभूमि में एक बच्चे के रोने तथा मम्मी मुझे बचा लो जैसी आवाजें भी सुनाई जा रही थीं। अचानक मिली इस सूचना से महिला घबरा गई और पैसे भेजने का विचार करने लगी। इस दौरान महिला के पिता वहां पहुंचे। उन्होंने बेटी की घबराहट का कारण पूछा। घटना जानने के बाद उन्होंने उसे समझाया कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी इस प्रकार फोन कर पैसे नहीं मांगती और न ही डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया होती है। उन्होंने तुरंत सिंगरौली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान में दी गई जानकारी को याद करते हुए सबसे पहले पुलिस एवं संबंधित विद्यालय से संपर्क किया। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम ने तत्काल विद्यालय पहुंचकर बच्चे की जानकारी प्राप्त की। जांच में पाया गया कि बच्चा पूरी तरह सुरक्षित अपने कक्षा कक्ष में अध्ययन कर रहा था। पुलिस ने बच्चे का फोटो लेकर परिजनों को भेजा तथा उन्हें आश्वस्त किया कि उनका बच्चा सुरक्षित है। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि कॉल करने वाला व्यक्ति कोई पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि एक साइबर अपराधी था, जो पुलिस अधिकारी बनकर परिवार को भयभीत कर 70,000 हजार रुपये की ठगी करने का प्रयास कर रहा था।

फरियादी परिवार ने बताया कि यदि वे कुछ दिन पूर्व सिंगरौली पुलिस द्वारा आयोजित SAFE CLICK-2026 साइबर जागरूकता कार्यक्रम में शामिल न हुए होते, तो शायद घबराहट में साइबर अपराधियों के झांसे में आकर 70,000 हजार रुपये धनराशि ट्रांसफर कर देते। उन्होंने सिंगरौली पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली जागरूकता ने उनके परिवार को आर्थिक नुकसान एवं मानसिक पीड़ा से बचा लिया। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी, कोर्ट अथवा किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर धनराशि की मांग करे, तो उसके झांसे में बिल्कुल न आएं। डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं, बल्कि सत्यापन करें।

किसी भी अनजान खाते या QR Code पर धनराशि ट्रांसफर न करें। पहले संबंधित व्यक्ति, संस्था, विद्यालय अथवा पुलिस से संपर्क कर तथ्य की पुष्टि अवश्य करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी अथवा संदिग्ध कॉल की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

News Point 24×7

About Satish Dubey

Check Also

सोनभद्र जिले ब्लॉक म्योरपुर हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार

🔊 पोस्ट को सुनें आपको बता दे की सोनभद्र जिले के म्योरपुर इलाके में एक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *