यूपी -सोनभद्र
दिनांक -30/6/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

ग्रामीणों का कहना है एनटीपीसी रिहंद द्वारा किसी भी प्रकार की सहायता नहीं कि जा रही

ग्रामीणों का कहना है वर्षों से यहां रह रहे हैं बरसात में अब कहां जाएं
एनटीपीसी रिहंद अनुसार अवैध कब्जा कर बसें है लोग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व एसडीएम से ध्यान देकर उचित सहायता कि मांग कि है
सोनभद्र। सोनभद्र में बीजपुर स्थित एनटीपीसी रिहंद सुपर थर्मल पावर स्टेशन द्वारा अधिग्रहित भूमि पर बने कथित अवैध निर्माणों को हटाने कि कार्रवाई को लेकर मंगलवार को महुआबारी क्षेत्र में कई घरों पर नोटिस चस्पा कर 7 दिनों के भीतर संबंधित लोगों को नोटिस प्राप्त होने की तिथि से जवाब देने और निर्माण हटाने के लिए कहा गया है। जबकि महुआबारी बस्ती ग्राम सिरसोती के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में अवगत कराया कि वह यहां 40/50 वर्षों से जब एनटीपीसी रिहंद कि स्थापना के समय से ही बसें है यह बस्ती विकसित होकर एक स्थायी आवासीय क्षेत्र के रुप में स्थापित हो गयी है। यहां निवास करने वाले लोगों के पास आधारकार्ड, मतदाता पत्र, राशनकार्ड, विधुत कनेक्शन, विद्यालय अभिलेख एवं अन्य निवास संबंधी दस्तावेज उपलब्ध है। यहां के निवासी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेते हुए चुनावो में मतदान करते हैं तथा उनके बच्चे निकटवर्ती सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। हाल ही में कुछ व्यक्तियों द्वारा स्वयं को एनटीपीसी अधिकारी, कर्मचारी बताकर बस्ती में मौखिक रूप से कहा गया कि महुआबारी क्षेत्र की भूमि एनटीपीसी कि है तथा उन्हें यह क्षेत्र खाली करना होगा। बीते 8 जून को 10 बजे करीब अमित कुमार केशरी एवं एस एन पाठक नाम के व्यक्तियो द्वारा एनटीपीसी से संबंधित अधिकारी, कर्मचारी बताया और महुआबारी बस्ती में आकर मौखिक रूप से कहा कि यह भूमि खाली करनी होगी। मौके पर पहुंचे मीडिया प्रतिनिधि सिद्धार्थ गुप्ता से बातचीत में एनटीपीसी के लॉ अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि संबंधित लोगों को फिलहाल सिर्फ 7 दिन के अंदर अपना जवाब प्रस्तुत करना है। सिद्धार्थ के अनुसार जब उनसे यह पूछा गया कि प्रभावित परिवारों के विस्थापन और पुनर्वास के लिए क्या व्यवस्था की गई है, तो इस प्रश्न पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जबतक उचित पुनर्वास और सुरक्षित रहने की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक वह घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि एनटीपीसी को भूमि की आवश्यकता है, तो पहले प्रभावित परिवारों को रहने के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए। कुछ प्रभावित लोगों ने बताया कि वे इस संबंध में एनटीपीसी रिहंद को अपना लिखित जवाब दे चुके हैं। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी दुद्धी से भी हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
गौरतलब है कि संपदा अधिकारी, एनटीपीसी रिहंद द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि ग्राम महुआबारी स्थित अधिग्रहित भूमि पर किए गए कथित अवैध निर्माणों को एक सप्ताह के भीतर स्वयं हटाया जाए, अन्यथा एनटीपीसी प्रबंधन नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी।
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