यूपी -सोनभद्र
दिनांक -26/7/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

ग्रामीणों ने कहा पेड़ है तो प्राण है केवल नारा नहीं जन-जन का आंदोलन बना

अडानी कंपनी गो बैक के लगे नारे
सोनभद्र। सोनभद्र में चतरा विकासखण्ड के पटना स्थित ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पेड़ है तो प्राण है जन आंदोलन के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें पहले ग्रामीणों ने भगवान महादेव के पूजन – अर्चना कर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण,जल जंगल,जमीन की रक्षा तथा आदिवासी समुदाय के अधिकारों को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार सभी के सामने रखा। मंदिर के महंत सिद्धनाथ चौबे ने कहा पेड़ है तो प्राण है,केवल एक नार तक सीमित नहीं रहा यह अब एक जन आंदोलन का रुप ले चुका है। कहा कि जल, जंगल जमीन कि रक्षा के लिए समाज सभी वर्गों को एकजुट होकर आगे आना होगा। कहा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आदिवासी समुदाय इसके लिए हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा यह आंदोलन केवल पेड़ों कि रक्षा का नहीं बल्कि सोनभद्र की सांसों को बचाने का आंदोलन है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार कारपोरेट हितों को बढ़ावा देने तथा आदिवासी परिवारों के आश्रय और आजीविका पर संकट खड़ा करनें का आरोप लगाया। कहा आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सोनभद्र जिलाधिकारी पर कंपनी के हितों को ध्यान में रखकर कार्य करने का आरोप लगाया। संदीप मिश्रा का कहना है कि आप सरस्वती के पुत्र हैं अगर तो फिर लक्ष्मी को बंधक कैसे बना सकते हैं असली सरस्वती पुत्र ऐसा नहीं कर सकता। जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि आदिवासी परिवारों को उनके पारंपरिक अधिकारों से वंचित करने या उन्हें विस्थापित करने का प्रयास किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रुप दिया जाएगा और आदिवासी समुदाय अपने हितों कि रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरिके से संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने कहा किसी भी कालनेमी कंपनी को यहां नहीं लगने दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर उन्होंने चुर्क, ओबरा, शक्ति नगर क्षेत्र के आदिवासियों के साथ हुए हाल को बताया कि आज भी विस्थापितों को अपने हक कि लड़ाई लड़नी पड़ रही है लोगों को आज भी रोजी-रोटी के लिए दर-दर भटकने पड़ रहा है और बाहर से आए लोगो का यहां के लोगों के मूलभूत सुविधाओं पर कब्जा हो चुका है। उन्होंनेखुली चुनौती दी कि अडानी कंपनी को यहां किसी भी किमत पर जमीन नहीं दी जाएगी। रामाधार चेरो ने कहा क्षेत्र में किसी भी नई कंपनी को जल, जंगल, जमीन को नुकसान नहीं पहुंचाने देंगे। उन्होंने भी आरोप लगाया कि पूर्व में स्थापित उद्योगो से आदिवासी समुदाय को अब तक अपेक्षित रखा गया इसलिए युवाओं के हितों कि रक्षा के लिए लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान सतेन्द्र,महंत सिद्धनाथ चौबे,उंराव, नागेन्द्र तिर्की, रामदयाल, दिनेश चेरो, बिंदु खरवार,बैगाजी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
बाइट ( संदीप मिश्रा किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा संयोजक सोनभद्र)
बाइट ( महंत सिद्धनाथ चौबे सोनभद्र)
बाइट ( राम अधार चेरो, पटना गांव निवासी चतरा विकासखण्ड सोनभद्र)
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