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सोनभद्र पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम के वांछित अभियुक्त को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया 


यूपी -सोनभद्र

 

दिनांक -20/7/2026

 

रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

 

 

बड़े अवैध पशु तस्करी नेटवर्क सामने आया

 

सर्विलांस व पुलिस टीम कि। संयुक्त कार्रवाई, ट्रांजिट रिमांड पर लाकर न्यायालय भेजा

 

आपराधिक नेटवर्क में शामिल पूर्व में 11 अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके

 

सोनभद्र। सोनभद्र पुलिस ने प्रदेश सरकार कि प्राथमिकताओ में शामिल गोवंशीय पशुओं के अवैध व्यापार व गोवध को पूर्ण नियंत्रित करने के लिए दिए गए निर्देश के तहत एसपी सोनभद्र अभिषेक वर्मा द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को सफलता मिली है। पंजीकृत मुकदमा कि विवेचना के दौरान तथ्य सामने आया कि तस्करी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न व्यक्तियों एवं व्यावसायिक खातों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित कर उसके वास्तविक स्त्रोत एवं अंतिम लाभार्थियों को छिपाने का प्रयास किया जाता था। अबतक 25 से ज्यादा बैंक खातों का विश्लेषण किया गया जिनमें करीब 80-100 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन कि जांच कि गई। अन्य खातों कि भी जांच चल रही है। विवेचना का आधार अभियुक्त रिशु यादव उर्फ विकास यादव की गिरफ्तारी के बाद बैंक खातों का विस्तृत विश्लेषण किया गया तो गोवंश तस्करी से प्राप्त धनराशि सीधे अंतिम लाभार्थियों तक न पहुंचकर विभिन्न खातों के माध्यम से घुमाई जाती थी। ऐसा प्रतीत होता है कि धनराशि के वास्तविक स्त्रोत, उपयोग एवं लाभार्थियों को छिपाने के उद्देश्य से सुनियोजित वित्तीय लेयरिंग की जा रही थी। वित्तीय नेटवर्क का विश्लेषण विवेचना के दौरान यह तथ्य भी सामने कि गोवंश पशुओं की तस्करी में प्रयुक्त बड़ी मात्रा में नकल धनराशि पश्चिम बंगाल के पांडुआ ,मेमारी क्षेत्र से जमा की जाती है,यह धनराशि 49000,99000 हजार रुपये के रुप में राजा कुरैशी निवासी पांडुआ द्वारा शेख सुल्तान अली निवासी खुरमाबाद के फुरकान ट्रेडर्स,चंदा ट्रेडर्स तथा उसके अन्य खातों में व मोहम्मद अमीनुद्दीन निवासी चैनपुर भभुआ बिहार के खातो में जमा की जाती है जिसका ज्यादातर हिस्सा गुड्डू उर्फ शमशाद कुरेशी निवासी खुरमाबाद व अफजल कुरैशी शहजाद कुरैशी निवासी चैनपुर भभुआ बिहार द्वारा 20-20 हजार रुपये के के रुप में एटीएम, यूपीआई द्वारा निकाला जाता है और स्थानीय पशु तस्करों को भुगतना किया जाता है और एक हिस्सा संदीप सिंह के सीएचसी खाते में भेजा जाता है। जिसे स्थानीय पशु तस्कर रिशु यादव व विकास यादव द्वारा प्राप्त किया जाता है। संदीप सिंह, रिशु यादव, विकास यादव, भगवान यादव के खाते में मुख्य रुप से निम्न व्यक्तियो के खातों से पैसा मिला,शेख फुरकान अली, मोहम्मद अमीनुद्दीन,शेख सुल्तान अली। खाते का अध्ययन करने पर पता चला कि इनमें बड़ी मात्रा में नकल पैसा पश्चिम बंगाल के पांडुआ पशु बाजार एवं मेमारी क्षेत्र से जमा की जाती थी। तथ्यों के अनुसार खातों में नकद जमा कराने का काम राजा कुरैशी करता था जिसका एक हिस्सा संदीप सिंह के खाते में स्थानांतरित किया जाता था,बाकी पैसा आगे अलग-अलग खातों व पशु तस्करों को पहुंचाया जाता था। सीएचसी सेंटर के बैंक खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि बड़े बड़े मूल्य के कई लेन-देन सीएचसी सेंटर के खातों के माध्यम से किए जा रहे थे। यह प्रतीत होता है कि इन खातों का उपयोग बडी धनराशि के लेन-देन को सामान्य वित्तीय गतिविधि का रुप देने तथा वास्तविक स्त्रोत एवं लाभार्थियों को छिपाने के मकसद से किया जा रहा था। जांच में चौदा ट्रेडर्स, फुरकान ट्रेडर्स, एवं अन्य सीएचसी खातों की भूमिका सामने आई । इन खातों के माध्यम से पैसे को आगे भेजने के बाद बड़ी मात्रा में नकल निकासी व व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस अनुसार राजा कुरैशी से पूछताछ में पता चला कि सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी छोटे वाहन से (6-8) पशु चैनपुर,खुर्माबाद बिहार में इकठ्ठा किया जाता था, बड़े कंटेनर में (50-80) गोवंश बिहार,पांडुआ पशु बाजार, मेमारी ( पश्चिम बंगाल) स्थानीय व्यापारी , वधशालाओं तक बड़े कंटेनरों में गोवंश को क्रुरता पूर्वक भरकर परिवहन व बेचा जाता था। 25 खातों के विश्लेषण में पता चला लगभग 80-100 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन कि जांच कि गई जिनमें विभिन्न व्यक्तियों व सीएचसी खातों के द्वारा पैसे भेजे गए। बड़ी मात्रा में नकद पैसे निकाले गए व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर का पैटर्न सामने आया, बैंकिंग विश्लेषण, अभियुक्तों के बयान व अन्य उपलब्ध साक्ष्य एक संगठित वित्तीय एवं परिचालन गोवंशीय पशु वध के लिए तस्करी के नेटवर्क की ओर संकेत करते हैं। अन्य खातों व तकनीकी साक्ष्यों कि जांच चल रही है। विवेचना से पता चलता है कि अवैध गोवंश तस्करी का एक संगठित बड़े नेटवर्क के माध्यम से गैर सरकारी तरिके से संचालित किया जा रहा था। नेटवर्क में गोवंश के परिहवन, संग्रहण, वित्तीय लेन-देन पैसे के वितरण के लिए अलग-अलग व्यक्तियों तथा व्यापारिक खातों का उपयोग किया जा रहा है। बैंक खातों के विश्लेषण से प्राप्त तथ्यों के आधार पर पैसे को विभिन्न स्तरों पर घुमाकर नकद निकासी के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली से बाहर निकालने का पैटर्न सामने आया है। विवेचना अब भी जारी है। गिरफ्तार अभियुक्त राजा कुरैशी उर्फ हासिन कुरैशी उम्र करीब 32 वर्ष पुत्र स्व अब्दुल समद कुरैशी निवासी ग्राम बलिहट्टा थाना पण्डुआ जिला हुगली पश्चिम बंगाल है।

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