यूपी -सोनभद्र
दिनांक -23/9/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

नोटिस के बाद भी भूमि अतिक्रमण मूक्त न कराना एनसीएल बीना के जिम्मेदारों पर सवाल खड़े कर रहा
सोनभद्र। बीना- चौकी अंतर्गत शक्तिनगर वाराणसी मुख्य मार्ग एनसीएल बीना परियोजना कि सरकारी भूमि पर सालों से कबाड़ का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। प्रबंधन की तरफ से नोटिस, सुरक्षा विभाग की छापेमारी और पुलिस की गिरफ्तारी तक हो चुकी है, लेकिन बीना चौकी के अंतर्गत मुख्य मार्ग पर संचालित तीन कबाड़ दुकानों पर आज तक ताला नहीं लगा। अब सवाल सीधे अधिकारियों पर खड़ा हो रहा है कि आखिर नोटिस के बाद जमीन खाली क्यों नहीं कराई गई? अख़बारों में प्रकाशित दो खबरों को मिलाकर देखें तो एक ही पैटर्न सामने आता है। पहली कार्रवाई में बीना सिक्योरिटी इंचार्ज भारतेन्दु तिवारी की सूचना पर सिक्योरिटी इंस्पेक्टर महेंद्र पाल की टीम ने बीना बस स्टैंड स्थित कबाड़ दुकान पर देर रात छापा मारा। ट्रक पर बीना न्यू सीएचपी में काम कर रही मधुकॉन कंपनी के 60 प्रतिशत फैब्रिकेशन पिलर के रोलर पार्ट्स और एनसीएल के कीमती स्पेयर्स लोड हो रहे थे। इसी मामले में दूसरी कार्रवाई में शक्तिनगर पुलिस ने ट्रक चालक दीपक कुमार पुत्र बिरपाल सिंह निवासी अलीगढ़ को गिरफ्तार कर गुरमा जेल भेज दिया। बीना चौकी इंचार्ज सुरेंद्र सिंह के हवाले से बताया गया कि चालक ने पूछताछ में दुकानदार के कहने पर माल लोड कर चिन्हित जगह पर पहुंचाने की बात स्वीकारी थी।
संवाद न्यूज एजेंसी के माध्यम से अखबारों में प्रकाशित खबरों के अनुसार नोटिस के बाद भी नहीं हटे कबाड़ कि दूकाने फिर ओएचई तार चोरी में फंसे संवाद न्यूज एजेंसी की खबरों के अनुसार एनसीएल बीना सुरक्षा विभाग ने मुख्य मार्ग पर कब्जा कर दुकान चला रहे तीन कबाड़ियों अजय अग्रहरी, सुरेश सोनकर और सुभाष को लिखित-मौखिक नोटिस देकर दुकान हटाने को कहा था। आरोप था कि बीना, कृष्णशिला खदानों से स्क्रैप, लोहा, तांबा चोरी कर ये दुकानें चल रही हैं। आरपीएफ चोपन द्वारा बड़ी कार्रवाई में बीना बस स्टैंड की उसी दुकान पर छापेमारी कर रेलवे की चोरी गई ओएचई लाइन का तांबा तार बरामद किया गया। इस मामले में दुकान संचालक अंकित अग्रहरी निवासी जौनपुर और प्रमोद गुप्ता निवासी खड़िया को गिरफ्तार कर प्रयागराज कोर्ट के बाद नैनी जेल भेजा गया था। छापेमारी का नेतृत्व आरपीएफ निरीक्षक रूपेश कुमार ने किया था।सवाल यह भी है कि इतनी कार्रवाईयों के बावजूद हकीकत यह है कि तीनों दुकानें आज भी बीना चौकी अंतर्गत मुख्य मार्ग पर धड़ल्ले से संचालित हैं। सूत्रों के अनुसार यहां दिन और रात दोनों समय खुलेआम सड़कों पर वाहनों में कबाड़ लोड होता है। कथित तौर पर बड़े माल को तो जेसीबी मशीन लगाकर लोड कराया जाता है, जिसका वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर मौजूद होने की बात सामने आ रही है। सीधा सवाल अधिकारियों पर
जब एनसीएल बीना परियोजना ने खुद नोटिस देकर जमीन को अतिक्रमण बताया, सुरक्षा विभाग ने चोरी का माल लदा ट्रक पकड़ा, आरपीएफ ने रेलवे का तांबा बरामद किया, तो फिर सरकारी भूमि आज तक खाली क्यों नहीं हुई? क्या पर्दे के पीछे किसी की शह मिल रही है? यही सवाल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब क्षेत्रीय लोगों में चर्चाएं हैं कि मामले को स्वयं सोनभद्र जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक संज्ञान में लेकर एनसीएल बीना के अधिकारियों को भूमि खाली कराने हेतु निर्देशित करे और उनकी जवाबदेही तय करें!
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