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सोनभद्र में बीते फरवरी में 19 साल के युवक की मौत पर सवालों का घेरा मां बोली हत्या, पुलिस ने बताया हादसा


यूपी -सोनभद्र

 

दिनांक -5/10/2026

 

रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

 

 

दुद्धी तहसील दिवस में फिर पहुंची सीओ की जांच पर उठे सवाल माँ ने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक लगाई गुहार

सोनभद्र पुलिस का नारी शक्ति अभियान धरातल कम कागजों व सोशल मीडिया पर ज्यादा न्याय के लिए भटक रही मां

 

मां के साथ अगस्त में जान से जान से मारने वालो कि अब तक गिरफ्तारी नहीं

 

सुमित्रा देवी अनुसूया लगातार फोन पर लगातार जान से मारने कि धमकी मिल रही, पुलिस बचा रही अपराधियों को

सुमित्रा देवी ने कहा हत्या हुई तो पुलिस जिम्मेदार

 

सोनभद्र । बीजपुर । म्योरपुर।

सोनभद्र के बीजपुर थाना क्षेत्र के गांव जरहां टोला चेतवा निवासी आत्माराम पुत्र महावीर के 19 वर्षीय पुत्र बृजराज की 25 फरवरी 2026 को हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पिता ने 2 मार्च को ही दो दोस्तों के नाम देकर हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस ने 24 मार्च को एफआईआर में अज्ञात लिख दिया और 10 जून को अंतिम आख्या में इसे सड़क हादसा बताकर केस बंद कर दिया। अब मृतक की मां सुमित्रा देवी ने 4 अक्टूबर 2026 शनिवार को तहसील दिवस दुद्धी में एक बार फिर प्रार्थना पत्र देकर जांच पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सीओ दुद्धी ने सुनवाई नहीं की और कहा – तुम्हारे बेटे की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है, बार-बार क्यों आ रही हो। मां ने बताया कि वह इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, मानवाधिकार आयोग, प्रधानमंत्री और कार्यालय तक भेज चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक सुनवाई नहीं हुई। वर्तमान में वह भय के कारण अपने मायके में रह रही हैं, जहां भी फोन पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सवाल यह है कि क्या पुलिस किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है? 24 फरवरी से 30 अगस्त तक की पूरी कड़ी सभी पक्षों के बयान हूबहू प्रश्न जो सवाल खड़े कर रहे हैं 24 फरवरी 2026 – घर से निकलना पिता आत्माराम के अनुसार – मेरा पुत्र बृजराज दिनांक 24-2-2026 को अपने दोस्त संतोष पुत्र सोनालाल निवासी परसाटोला, थाना बभनी एवं कुलदीप पुत्र राजीव गुप्ता निवासी पोखरा, थाना बभनी के साथ घर में कपड़ा खरीदने की बात कहकर बभनी के लिए निकला था और रात्रि तक घर नहीं लौटा। 25 फरवरी 2026 को प्रातः थाना म्योरपुर से सूचना प्राप्त हुई कि आपके पुत्र का किरबिल-देउरी के बीच स्थित पुलिया पर दुर्घटना हो गई है। अस्पताल पहुंचा तो पता चला बेटे की मृत्यु हो चुकी है। पंचनामा एवं पोस्टमार्टम के पश्चात शव और उसका मोबाइल सौंपा गया।

पहला शक – मोबाइल के सबूत डिलीट होना पिता ने शिकायत में लिखा मोबाइल चेक करने पर ज्ञात हुआ कि कॉल रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल, फोन-पे से लेनदेन एवं फोन का कॉल लॉग डिलीट होना संदेहास्पद है, जो दर्शाता है कि मौत दुर्घटना से नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत हत्या हो सकती है। परिजन साफ करते हैं कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज होने का दावा कभी नहीं किया था। उनका कहना सिर्फ मोबाइल से जुड़े डिजिटल सबूतों ,कॉल रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल, फोन-पे लेनदेन और कॉल लॉग के डिलीट होने को लेकर था, जिस पर जांच नहीं हुई। 2-3-2026 को थानाध्यक्ष म्योरपुर को पहला पत्र भेजा गया पत्र सेवा में थानाध्यक्ष महोदय म्योरपुर। विषय – योजनाबद्ध साजिश के तहत मेरे बेटे की हत्या के सम्बन्ध में। महोदय, 25 फरवरी सुबह मुझे सूचना मिली शव सीएचसी म्योरपुर में है। मोबाइल में कॉल डिटेल, कॉल रिकॉर्ड, फोन-पे लेनदेन, कॉल लॉग डिलीट होने से पूरा यकीन है कि 24 फरवरी को साजिश के तहत बुलाकर हत्या कर दुर्घटना दिखाने का प्रयास किया गया है। एफआईआर दर्ज करें। 10-3-2026 को सीओ दुद्धी और SP सोनभद्र को हस्तलिखित पत्र परिजन ने लिखा है थानाध्यक्ष को बार-बार बताया, एफआईआर नहीं लिखी गई।इस पर सीओ दुद्धी ने हाथ से लिखा आप स्वयं मौके पर जाकर जांच करें वादी के साथ। परिजन का आरोप है कि वह 3 बार सीओ दफ्तर गए, लेकिन उनका पक्ष नहीं सुना गया। सुमित्रा देवी का कहना है एफआईआर में देरी क्यों कि गई । पुलिस अनुसार परिजन ने एनसीआरबी फॉर्म में लिखा कि पूर्व थानाध्यक्ष म्योरपुर को सबूतों के साथ कई बार अवगत कराया, प्राथमिकी दर्ज नहीं की, तब 10 मार्च को एसपी को बताया। एसपी के आदेश पर 24 मार्च 2026 को थाना म्योरपुर में एफआईआर संख्या 41/2026 दर्ज हुई। हैरानी की बात है कि तहरीर में दो नामजद लोगों के नाम थे, लेकिन एफआईआर में आरोपी कॉलम में अज्ञात लिख दिया गया। विवेचक एसआई रविकान्त मिश्रा नियुक्त हुए। जनसुनवाई जांच में पुलिस ने सभी के बयान पुलिस रिकॉर्ड में। पुलिस ने जनसुनवाई OBC नंबर 46 / 27-07-2026 में कई लोगों के बयान दर्ज किए

मां सुमित्रा देवी के अनुसार जो बयान लिखा गया है वो पुलिस ने खूद लिखा है, क्योंकि उस दौरान उन्हें कुछ नहीं पता था जब होश आया तब असलियत धीरे धीरे पता चला सुमित्रा देवी का कहना है उन्होंने ऐसा बयान नहीं दिया उन्हें जैसा बताया गया वैसा शिकायत पत्र में दर्ज किया गया बयान में लिखा है। पुलिस अनुसार मेरा पुत्र बृजराज 24-2-2026 को अपने दोस्त संतोष, कुलदीप, प्रदीप के साथ कपड़ा खरीदने की बात कहकर घर से बभनी के लिए गया था। 25-2-2026 को प्रातः थाना म्योरपुर से सूचना मिली कि आपके पुत्र का किरबिल-देवरी के बीच पुलिया पर दुर्घटना हो गई है। मैं अस्पताल पहुंची तो पता चला कि मेरे बेटे की मृत्यु हो चुकी है। पंचनामा व पोस्टमार्टम के बाद शव और उसका मोबाइल सौंपा गया। मेरे लड़के के मोबाइल के कॉल रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल, फोन पे से लेनदेन एवं फोन का कॉल लॉग डिलीट होना संदेहास्पद है, जो दर्शाता है कि मेरे बेटे की मौत दुर्घटना से नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत हत्या है। मेरे पति की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत किया गया किंतु आज तक मेरा साक्ष्य नहीं लिया गया। मैं विवेचक से मिली और फोन से जुड़े सबूतों के बारे में बताया किंतु उन्होंने नहीं लिया, न ही मेरा बयान मुकदमे में अंकित किया।

दोस्त संतोष का पुलिस को दिया गया बयान आख्या में दर्ज है कि मैं कुलदीप व बृजराज का मित्र हूं। हम लोग एक साथ मुंबई में काम करते थे, वहां से जनवरी, फरवरी 2026 में लौट कर घर आ गये हैं। दिनांक 24-2-2026 को मैं अपने घर पर था कि समय करीब 4 बजे मेरे फोन पर बृजराज ने फोन किया और कहा बभनी चलो कपड़ा लेना है। मैंने कुलदीप को फोन किया और वह अपनी मोटरसाइकिल लेकर आया। बृजराज बभनी ब्लाक से कुछ पहले एक चाय समोसा की दुकान पर अपने दो अन्य साथियों के साथ बैठकर शराब पी रहा था। जैसे ही हम लोग पहुंचे तो बृजराज बोला कि आओ तुम लोग भी ले लो। कुलदीप ने कहा कि मैं शराब नहीं लेता मैं बियर पीता हूं तो बृजराज ने उसे 500 रुपया दिया और बोला कि जाओ तुम अपने लिए बियर ले आओ तो वह दो बियर की केन लाया। घटना स्थल से 150 मीटर दूर रहने वाले ग्रामीण का बयान है कि साहब मैं ग्राम किरबिल का स्थायी निवासी हूं, घटना स्थल से 150 मीटर दूरी पर मेरा मकान है, अगल-बगल आबादी है, 24 घंटा गाड़ी चलती है। ऐसा सम्भव नहीं कि कोई यहां किसी की हत्या कर दे और किसी के द्वारा न देखा जाए। घटना स्थल से कुछ दूरी पर ही रामकेश प्रजापति के घर पर जागरण हो रहा था, जिसमें रात भर लोगों का आवागमन रहा। यदि ऐसी कोई घटना होती तो कोई न कोई जरूर देखता। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मोड़ के पास किसी अज्ञात वाहन ने चलते-चलते साइड से धक्का मार दिया जिससे मोटरसाइकिल चालक अनियंत्रित होकर पुलिया में मोटरसाइकिल सहित सिर के बल गिर गया। पोस्टमार्टम में डॉक्टर नृपेन्द्र सागर, न्यू पीएचसी शक्तिनगर का बयान है मृतक बृजराज की मृत्यु एक्सीडेंट के कारण सर में आई चोट जिसके कारण फ्रेनटियल बोन माथे की हड्डी टूट जाने के कारण अंदर ही अंदर खून बहने से हुई है। फ्रेनटियल बोन टूट जाने से धीरे-धीरे मस्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया। यदि समय से इलाज मिल जाता तो बचने की कुछ संभावना बन सकती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण HAEMORRHAGIC SHOCK DUE TO HEAD INJURY – सिर में चोट से अंदर खून बहने से मौत – पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट PM 71/26 दिनांक 25-02-2026 को

समय दोपहर 2:50 से 3:40 बजे कि रिपोर्ट दिखाई गई जिसमें माथे पर 6×4 सेंटीमीटर सूजन, गाल पर 2×1 सेंटीमीटर रगड़, बाकी शरीर पर कोई असामान्य बात नहीं – एनएडी (No Abnormality Detected – कोई असामान्यता नहीं मिली), कपड़े – लाल जैकेट, फुल पैंट बेल्ट सहित साबूत, शरीर में अकड़न हां – Rigor Mortis Yes मृत्यु के बाद शरीर अकड़ना, मृत्यु के बाद खून जमने का निशान नहीं – PM Staining No।_ Viscera – शरीर के अंग सुरक्षित करने और वीडियोग्राफी का जिक्र रिपोर्ट में नहीं है। सुमित्रा देवी ने सनसनीखेज आरोप लगाया है, उनके अनुसार मृतक बृजराज की असली जन्मतिथि आधार कार्ड और एसबीआई बैंक पासबुक में वर्ष 2008 है, जो एक ही है। लेकिन उसके नाम से एक कंपनी का एंट्री परमिट बनाया गया है, जिसमें नाम प्रदीप कुमार पुत्र बालकेश्वर और जन्मतिथि 1997 लिखी है, लेकिन फोटो बृजराज की लगाई गई है। सुमित्रा देवी का आरोप है कि यह फर्जीवाड़ा इसलिए किया गया ताकि बृजराज के बैंक खाते में पैसा भेजा जा सके और उसका दुरुपयोग किया जा सके। उन्होंने मांग की है कि इसकी वैज्ञानिक जांच हो – यह आईडी किसने बनवाई, किसने वेरिफाई की, और इसका पैसों के लेन-देन से क्या संबंध है। पुलिस ने अब तक इस बिंदु पर कोई जांच नहीं की है और न ही परिजन को अवगत कराया है।

वीओ दुद्धी सीओ विनय प्रभाकर साहनी द्वारा महिला द्वारा दिखाए अंतिम आख्या B-07/2026 दिनांक 10- 6-2026 – सीओ दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी सीडीआर – कॉल डिटेल रिकॉर्ड (फोन किससे कब बात हुई इसका रिकॉर्ड) के अवलोकन से मृत्यु अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मारने से रोड एक्सीडेंट में हुई। धारा 103(1) – हत्या की धारा का लोप कर धारा 281, 106(1) – हादसे की धारा की बढ़ोत्तरी की गई। अज्ञात वाहन व चालक की तलाश के मद्देनजर रखते हुए विवेचना समाप्त। कर देना क्या सवाल खड़े नहीं कर रहा? क्योंकि महिला का कहना है उनका बयान कभी दर्ज नहीं किया गया? उन्होंने ऐसा क्यों लिखा? वीओ – सुमित्रा देवी का कहना है कि उन्होंने कभी कोई ऐसा बयान नहीं दिया जो आख्या में उनके नाम से लिखा गया है और न ही कभी उनका विधिवत बयान दर्ज किया गया। वह इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं। वीओ – 29 अगस्त 2026 को वादिनी सुमित्रा देवी के साथ मारपीट हुई इस मामले में बीजपुर पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर लिया लेकिन एक माह बितन के बाद भी किसी कि गिरफ्तारी न होना सवाल खड़े कर रहा है। वादिनी के अनुसार आरोपी उनके दरवाजे पर आकर गाली-गलौज और मारपीट कर रहे थे और धमकी दे रहे थे। इस मामले में बीजपुर पुलिस की त्वरित एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई सकारात्मक बता रहे लेकिन सवाल यह है कि अगस्त में हुई इस घटना के बाद भी किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई जबकि उन्हें जान से मारने कि धमकी लगातार मिल रही है सुमित्रा देवी का कहना है कि उनके पास मारपीट का ऑडियो भी मौजूद है वह मायके में डर से रह रही हैं। वीओ – सुमित्रा देवी पत्नी आत्माराम, गांव जरहां टोला चेतवा, थाना बीजपुर, जिला सोनभद्र की निवासी ने बताया कि उनका बेटा बृजराज करीब 19 वर्ष का था। बीते 24 फरवरी 2026 को वह कपड़ा खरीदने गया था नहीं बल्कि बनारस जाने कि बात मेरे ससुर द्वारा रात सात आठ बजे करीब बताया कि बृजराज फोन किया है बोल रहा है बनारस जा रहें हैं मेरा ऐसा बयान कहीं नहीं है सीओ ने मनगढ़ंत बयान लिखा है, और 25 फरवरी सुबह उसकी मौत की खबर आई। पुलिस कह रही है हादसा है, लेकिन मेरे बेटे के फोन के सारे सबूत – कॉल रिकॉर्डिंग, फोन-पे का लेनदेन डिलीट कर दिया गया है। अगर हादसा है तो एक्सीडेंट से काल डिटेल, फोन पे, बैंक लेनदेन को डिलीट करने का क्या संबंध कौन डिलीट करेगा ? मुझे बेटे का मोबाइल फोन करीब चार पांच महीने बाद क्यों देवर के द्वारा दिया गया? बेटे का नया कोट जो बभनी माल से खरिदा था मुझे उसके अंतिम संस्कार के दो दिन बाद बेटे संग रहे लड़के ने क्यों दिया? नियमानुसार तो पुलिस के पास होना चाहिए या मेरे पति को दिया गया होता क्योंकि उस समय तो हम बेसुध थे बेटे कि मौत से। सभी लड़कों के मोबाइल कि जांच 24 फरवरी 2026 से लेकर अबतक कि जाए घटना के दिन ज्यादातर लड़कों का मेरे लड़के पर रातभर काल गयी है पुलिस इन तथ्यों को छुपा क्यों रहीं हैं? अगर सर्विलांस जांच कि गई तो मुझे सीडीआर दे?

वीओ – सुमित्रा देवी ने बताया शनिवार चार अक्टूबर को तहसील दिवस दुद्धी में गई, सीओ साहब ने कहा कि सड़क दुर्घटना में मौत हुई है, बार-बार आ रही हो। एसपी साहब के कहने के बाद भी मेरी सुनवाई नहीं हो रही है। मेरे साथ 29 अगस्त को जान से मारने नियत से मारपीट की गई, बेटे व चरवाहे के देख लेने के बाद आरोपी छोड़ दिए तब मेरी जान बची मेरी जान को खतरा है। मैं मायके में भय से रह रही हूं, वहां भी फोन पर जान से मारने कि लगातार धमकी मिल रही है जिस नंबर से फोन आया आप उसकी जांच करें सब पता चल जाएगा। वींओ । सुमित्रा देवी ने बताया मैंने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, मानवाधिकार आयोग , पुलिस महानिदेशक एसपी तक शिकायत भेजी है। मेरे बेटे की फोटो का गलत इस्तेमाल करके किसी और के नाम से कंपनी की आईडी बनाई गई है। मेरे बेटे का आधार और बैंक पासबुक में जन्म 2008 है, लेकिन फर्जी आईडी में 1997 लिखा है, फोटो मेरे बेटे की है।

वीओ – सुमित्रा देवी ने मांग कि है कि मेरे बेटे की मौत की दोबारा जांच हो, मोबाइल की वैज्ञानिक जांच हो, सीडीआर, आईएमआई , टावर लोकेशन निकाली जाए, बेटे के साथ मौजूद सभी लोगों कि मोबाइल जांच फरवरी 2026 जिस दिन से घटना हुई अबतक, किस ढाबे पर हमारे लड़के को शराब पीना बताया गया उसका बयान दो लड़के कौन थे, सीसीटीवी फुटेज अगर आस-पास कहीं लगी हो तो देखी जाए, पोस्टमार्टम की दूसरी राय ली जाए और मुझे सुरक्षा दी जाए। वीओ – परिजन जांच पर सवाल क्यों खड़े कर रहे हैं समझिए शिकायत में दो नामजद थे, FIR में अज्ञात क्यों लिखा गया? 2 मार्च से 24 मार्च तक एफआईआर में देरी क्यों हुई? पहले थाना प्रभारी की भूमिका की विभागीय जांच क्यों नहीं?

फोन के सबूत डिलीट होने पर जब एस एल (Forensic Science Laboratory – वैज्ञानिक प्रयोगशाला जांच), आईएमईआई मोबाइल की पहचान संख्या, ट्रेसिंग, फोन पे,बैंक सत्यापन और सीडीआर कॉल डिटेल रिकॉर्ड की गहन जांच क्यों नहीं हुई? अज्ञात वाहन की थ्योरी में फोन के सबूत डिलीट होने का क्या औचित्य? संतोष के बयान में चाय समोसा दुकान पर दो अन्य साथी कौन थे? चढाबे वाले का और दो अन्य साथियों का बयान पुलिस ने क्यों नहीं लिया ? कुलदीप, जितेन्द्र और प्रदीप के बयान कहां हैं? किसके घर विवाद हुआ था और क्या हुआ था विवाद था तो बृजराज को वहां क्यों भेजा गया और साथ में जाने वाले एक – एक कर रास्ते में क्यों उतर गये? बृजराज का किसी ने रातभर हालचाल क्यों नहीं पूछा कहां हो? या घर पर जानकारी क्यों नहीं दी कि बृजराज साथ में नहीं है। जिसने बोला। अगर शराब पीने की बात सामने आई तो Viscera (शरीर के अंदरूनी अंगों का रासायनिक परीक्षण) में अल्कोहल की जांच के लिए सुरक्षित क्यों नहीं किया गया? क्या पोस्टमार्टम प्रोटोकॉल का पालन हुआ? अज्ञात वाहन से टक्कर में टायर के निशान, घसीटने के निशान, मोटरसाइकिल का नुकसान कहां है? 24 घंटे चलने वाली सड़क पर कोई चश्मदीद क्यों नहीं? जागरण में मौजूद लोगों के बयान क्यों नहीं? पोस्टमार्टम में सिर्फ सिर पर चोट, बाकी शरीर पर एक खरोंच नहीं, कपड़े साबूत – यह पुलिया में सिर के बल गिरने की थ्योरी से मेल कैसे खाता है? Rigor Mortis Yes पर PM Staining No का वैज्ञानिक अर्थ क्या है? वीडियोग्राफी क्यों नहीं?बभनी ब्लाक, चाय समोसा दुकान, किरबिल-देउरी मोड़ के आस-पास अगर कोई सीसीटीवी ,बंद कैमरा लगा हो तो उसकी फुटेज निकालने की मांग क्यों नहीं मानी गई? यह पीड़ित परिवार की वैध मांग है। हत्या की धारा 103(1) बीएनएस से हादसे की धारा 281, 106(1) बीएनएस में परिवर्तन के लिए क्या मेडिकल बोर्ड की दूसरी राय ली गई? वीओ – पुलिस की अंतिम आख्या के अनुसार स्वतंत्र गवाहों, सीडीआर रिपोर्ट और डॉक्टर की राय से मृत्यु रोड एक्सीडेंट में हुई है, हत्या का कोई साक्ष्य नहीं मिला। यह पुलिस का आधिकारिक पक्ष है। वीओ – परिजन पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट इलाहाबाद की निगरानी में सीबी- सीआईडी या डीआईजी मिर्जापुर रेंज की SIT विशेष जांच दल से कराई करने कि बात कह हर 30 दिन में रिपोर्ट कोर्ट में पेश हो, दोनों FIR – 41/2026 मौत और 0096/2026 जान से मारने का प्रयास,मारपीट की संयुक्त जांच हो, मेडिकल कॉलेज के बोर्ड से पोस्टमार्टम की दूसरी राय और कपड़ों व Viscera की एफएसएल जांच, मोबाइल का साइबर फॉरेंसिक – सीडीआर, आईएमईआई टावर लोकेशन, फोन पे ट्रांजेक्शन का बैंक से सत्यापन, फर्जी कंपनी आईडी की जांच किसने बनवाई, किसने वेरिफाई की, किस खाते में पैसा गया, पूर्व थानाध्यक्ष म्योरपुर की भूमिका की विभागीय जांच, परिवार की सुरक्षा – महिला आयोग, IGRS जनसुनवाई और एसपी सोनभद्र स्तर से सुरक्षा व्यवस्था।

वीओ – सोनभद्र पुलिस के नारी शक्ति अभियान पर सवाल एक तरफ पुलिस नारी शक्ति और मिशन शक्ति की बात करती है, दूसरी तरफ एक मां अपने 19 साल के बेटे की मौत के न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। संपूर्ण समाधान दिवस पर डीएम और एसपी भी मौजूद थे, फिर भी महिला को न्याय नहीं मिला। क्या सोनभद्र पुलिस को अब इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए?

यह खबर सभी दस्तावेजों, बयानों और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर बनाई गई है।

 

 

बाइट ( सुमित्रा देवी, मृतक बृजराज कि मां निवासी ग्राम जरहा टोला चेतवा बीजपुर सोनभद्र)

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