यूपी -सोनभद्र
दिनांक -3/10/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार
खड़िया बाजार में विश्वजीत ट्रेवल्स के वाहन सड़क व पटरियों पर जमाए रहते हैं अवैध कब्जा
सोनभद्र। शक्तिनगर से औड़ी मोड़ तक मुख्य मार्ग पर दिन-रात अवैध रूप से खड़े रहने वाले वाहनों से लोग परेशान हैं। वीडियो में कैद है कि कैसे हाईवे की दोनों लेन और बाजार की पटरी को ट्रक, टैंकर और बसों का अड्डा बना दिया गया है। एनसीएल बीना परियोजना आवासीय परिसर प्रवेश अटल द्वार के ठीक सामने मुख्य मार्ग पर वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि सड़क के दोनों छोर पर कोल परिवहन के वाहन शुक्रवार रात कब्जा जमाने हुए थे। परियोजनाओं में कोल परिवहन करने वाले वाहन लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं लेकिन यातायात, पुलिस व आरटीओ विभाग के उदासीनता के कारण यह आलम लगातार बना हुआ है। शनिवार सुबह खड़िया बाजार में बजाज एजेंसी के पास वीडियो में साफ दिख रहा है, पीली बस नंबर यूपी 65 CT 8117 सड़क की पटरी पर खड़ी है, जिसके कारण युवती को सड़क के बीच से चलना पड़ रहा है। दूसरे वीडियो में दोनों तरफ टैंकर खड़े हैं और स्कूली बच्ची बीच सड़क चलने को मजबूर है। पहले वीडियो में विश्वजीत ट्रेवल्स सहित अन्य बसें सड़क पर ही खड़ी कर उनकी मरम्मत की जा रही है, तेल सड़क पर बिखरा है जिससे पहले भी लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। सबसे बड़ा सवाल वाहन मालिकों पर क्या कार्रवाई? नियम कहता है कि सड़क सरकार की है, पार्किंग यार्ड नहीं। जिनके वाहन हैं, उन पर भी सीधी कार्रवाई बनती है:
वाहन स्वामी , ट्रांसपोर्टर पर
एमवी एक्ट धारा 122, 126, 201 एमवी एक्ट सड़क पर खतरनाक पार्किंग पर 1000 से 5000 रुपये तक जुर्माना, बार-बार करने पर वाहन को थाने , यार्ड में बंद करना। सार्वजनिक मार्ग पर बाधा डालने पर 6 महीने तक की सजा या जुर्माना। अगर उस खड़े वाहन की वजह से कोई एक्सीडेंट होता है तो बीएनएस की धारा 106 लापरवाही से मौत और 125 खतरनाक तरीके से वाहन रखना , के तहत वाहन मालिक को भी आरोपी बनाया जा सकता है। कोर्ट ने कई मामलों में कहा है – सड़क पर अवैध पार्किंग हादसे का कारण है तो मालिक भी जिम्मेदार। जिस बस का परमिट है, उसे परमिट में लिखे स्टैंड , डिपो पर ही खड़ा करना होता है। सड़क को डिपो बनाना परमिट शर्त का उल्लंघन है। इस पर एआरटीओ को परमिट सस्पेंड करने का अधिकार है तो फिर अभियान चलाकर मार्ग पर खड़े बेतरतीब वाहनों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करता विभाग। सड़क पर वाहन की मरम्मत करना मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वर्कशॉप को लाइसेंस चाहिए, सड़क पर काम करने पर नगर पालिका द्वारा 10,000 तक जुर्माना और दुकान सील जैसी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। विभागों की जवाबदेही तय हो प्रतिदिन शक्तिनगर-औड़ी मोड़ पर क्रेन के साथ चालान अभियान। आरटीओ UP65 CT 8117 सहित सड़क पर खड़े सभी बस, टैंकर मालिकों को नोटिस, पार्किंग यार्ड का कागज मांगना। निर्माण सामग्री और कबाड़ियों का सामान जब्त करना, सड़क पर तेल बिखेरने वालों पर पर्यावरण , स्वच्छता अधिनियम में चालान। अब सिर्फ चालान नहीं, गाड़ियों को जब्त कर थाने लाया जाए और जिनके वाहन लगातार वहीं खड़े रहते हैं, उनकी लिस्ट बनाकर उनके परमिट रद्द किए जाएं, तभी रास्ता सुरक्षित होगा।
News Point 24×7

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