यूपी -सोनभद्र
दिनांक 16/6/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

यातायात विभाग व स्थानीय पुलिस मौन
छोटी -बडी सड़क दूर्घटनाए हो चुकी नहीं किसी को सुन
मुख्यमंत्री के आदेशों की भी हो रही अवहेलना

सोनभद्र। बीना चौकी क्षेत्र अंतर्गत एनसीएल बीना परियोजना में कोयला परिवहन में लगे वाहन मुख्य मार्ग के पटरियों पर बेखौफ होकर कब्जा जमाए रहते हैं जबकि पूर्व में शक्तिनगर थाना प्रभारी कुमूद शेखर सिंह द्वारा द्वारा एनसीएल बीना परियोजना के काटा बाबू सहित एसओपी व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की थी लेकिन वर्तमान समय में न तो थाना प्रभारी और न ही बीना चौकी प्रभारी द्वारा कोई अभियान चलाकर सड़कों व पटरियों से कोल परिवहन में लगे वाहनों को हटाया जा रहा और न ही कोई ठोस कार्रवाई की जा रही जिससे सड़कों व पटरियों पर ये वाहन निरंतर खड़े हो रहे हैं। एनसीएल बीना परियोजना आवासीय परिसर के मुख्य द्वार के समीप बस स्टैंड एवं परियोजना के खदान क्षेत्र प्रवेश द्वार एवं मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समीप काफी संख्या में कोयला व राख परिवहन में लगे वाहन प्रतिदिन खड़े रहते हैं। एनसीएल बीना परियोजना महाप्रबंधक कार्यालय के समीप पूर्व में सड़क दूर्घटना में खड़िया बाजार के एक व्यापारी की मौत हो चुकी है इसके बाद भी निरंतर छोटी बड़ी दूर्घटनाए भी होती रही है। बांसी स्थित सुभाष पेट्रोल पंप के निकट व बांसी में भी वाहन पटरियों व सड़कों पर खड़े रहते हैं जिससे वहां भी कई बार सड़क दूर्घटनाए हो चुकी है। इन दूर्घटनाओ से न तो स्थानीय प्रशासन सबक ले रहा और न ही यातायात विभाग। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सड़कों और पटरियों पर अवैध पार्किंग या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर पुलिस और नगर प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद शक्तिनगर स्थित एनसीएल खड़िया व बीना परियोजना में लगे कोयला परिवहन के वाहन सड़कों पर निरंतर बेढंग तरिके से खडे रहते हैं जिस कारण आएदिन आम नागरिक सड़क दूर्घटनाओ का शिकार होते रहते हैं। पूर्व में पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर सिंह द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सड़कों व पटरियों पर किसी भी दशा में वाहन न खड़े हो ऐसा पाए जाने पर वाहनों का चालान चालकों व परियोजना के जिम्मेदारो पर एफआईआर दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए थे । लेकिन वर्तमान समय में पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधिकारी पूर्व के निर्देशों का जरा भी पालन कराते तो शायद सड़कों की स्थिति थोड़ी सुधर सकती थी। ऊर्जांचल क्षेत्र की बड़ी विडंबना यह भी है कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षको का दौरा ना के बराबर होता है। मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश है कि निरंतर अभियान चलाकर सड़कों व पटरियों से वाहनों को हटाया जाए लेकिन सोनभद्र में जिले के जिम्मेदार मुख्यमंत्री के निर्देशो को भी ठेंगा दिखा रहे हैं।
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