यूपी -सोनभद्र
दिनांक -02/11/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे


(सोनभद्र)।सोनभद्र जिले के विकासखंड म्योरपुर के गोविंदपुर स्थित सामाजिक संस्थान बनवासी सेवा आश्रम में आयोजित दो दिवसीय ग्राम स्वराज सम्मेलन सोमवार को विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श और अनुभवों के आदान-प्रदान के साथ संपन्न हो गया। सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। वहीं, खादी ग्रामोद्योग परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
विचित्रा महाकक्ष में आयोजित विचार गोष्ठी में आश्रम की मंत्री शुभा बहन ने स्वावलंबन और सिंगरौली परिक्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे पर विचार रखे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने प्रदूषण से प्रभावित लोगों का आंकड़ा निर्धारित कर उन्हें मुआवजा देने का आदेश दिया है।
रांची से आए रोहित मंडल ने किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें पांच डायरेक्टर और दस सदस्य होते हैं। उन्होंने किसानों से खेती के साथ सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। वहीं, विशिष्ट अतिथि अरविंद अंजुम ने ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के माध्यम से गांवों के सतत विकास, आदिवासी समाज और भूमिहीन परिवारों के उत्थान पर जोर दिया।
कार्यक्रम में एससी/एसटी आयोग के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री जीत सिंह खरवार ने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने राजनीति को जनसेवा का एक प्रभावी माध्यम बताते हुए समाज के हित में कार्य करने की बात कही।
वैज्ञानिक खेती और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर
गोष्ठी में किसान फत्ते सिंह ने खेती के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले उनके दोनों बच्चे बाहर जाकर मजदूरी करते थे, लेकिन अब वैज्ञानिक तरीके से सब्जियों की खेती कर वे प्रत्येक सप्ताह करीब दस हजार रुपये की सब्जी बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग बीस वर्ष पहले क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन वर्तमान की तुलना में बेहतर था। जंगलों की कटाई पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पेड़ हैं तो जीवन है। उन्होंने लोगों से वन संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।
आश्रम से जुड़ी एक महिला ने बताया कि महिलाओं ने समूह बनाकर गांव में ही धनराशि एकत्रित कर रोजगार के साधन विकसित किए हैं। इससे उन्हें माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
आशुतोष ने गांव के ऐसे लोगों के जॉब कार्ड बनवाने की पहल की जानकारी दी, जिनके कार्ड अब तक नहीं बने थे। वहीं, फूलकुंवारी ने बताया कि आश्रम के सहयोग से शिक्षा, मनरेगा, जॉब कार्ड, आवास, सड़क तथा 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे युवाओं का नाम मतदाता सूची में जुड़वाने जैसे कार्य ग्राम पंचायत विकास योजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराए गए हैं।
बेचन भाई ने जैविक खेती के महत्व को बताते हुए किसानों से इसे अपनाने की अपील की। दीपनारायण ने गांव की धनराशि और अनाज का उपयोग गांव में ही करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राजाराम ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने की बात कही, जबकि जगत ने समूह बनाकर बकरी पालन के अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अरविंद अंजुम ने की तथा संचालन शिव शरण सिंह ने किया।
इस अवसर पर ओडिशा से आए मनोज महाराणा, धुर्वा नंद शरण, प्रो. संजय कुमार, चंद्रशेखर प्राण, डॉ. विभा, विमल सिंह, केदार यादव, यशवंत मिश्रा, मुरलीश्याम तिवारी, प्रशांत दुबे, बबई सिंह मरकाम, सत्यनारायण यादव, रामपाल जौहरी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, किसान एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सम्मेलन में ग्राम स्वराज, स्वावलंबन, महिला सशक्तीकरण, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का संदेश दिया गया।
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