यूपी -सोनभद्र
दिनांक -9/10/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

वीडियो में कैद हुई एनसीएल के कोयला परिवहन की लापरवाही
ट्रक से गिरा कोयला राहगिरो के लिए बना मुसीबत
जिले के यातायात सहित फिटनेस विभाग कि खुल रही पोल
सोनभद्र। सोनभद्र में बीना चौकी अंतर्गत बांसी स्थित विधुत विभाग के कार्यालय के सामने शक्ति नगर – वाराणसी मुख्य मार्ग पर शुक्रवार शाम करीब 5 30 बजे के आसपास बीना कि ओर से कोयला लेकर जा रहे एक ट्रेलर का कथित डाला ढक्कन खुलने से कुंतल भर कोयला हाईवे पर बिखर गया गनिमत रहा कि इस दौरान कोई भी राहगीर इसके चपेट में नहीं आया नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद वाहन मालिकों या देखरेख करने वालों के द्वारा कोयले को लोडर के माध्यम से हटवाया गया। इस दौरान कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ। बीना क्षेत्र के अंतर्गत बांसी में एनसीएल प्रबंधन कि बड़ी लापरवाही सामने आई है जहां कोयले से लदे ट्रेलर संख्या यूपी 64 AT 8076 का डाला ढक्कन खुलने से सड़क पर टनों भर कोयला बिखर गया। कोयले हाईवे के बीच मार्ग पर पट गया कुछ समय तक वाहनों को एक मार्ग से ही आवागमन मिल रहा था। घटना शुक्रवार शाम करीब पांच बजे के बाद कि बताई जा रही है। GPS कैमरे में कैद हुई है वीडियो में देखा जा सकता है कि पीले रंग के ट्रेलर से बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर बिखरे पड़े हैं। सड़क के बीचो-बीच करीब 20 फीट तक कोयले का अंबार लगा है। मौके पर देखा जा सकता है ट्रेलर सड़क पर खड़ा है और एक युवक उसपर चढ़कर कोयले को पैरों से धकेल रहा है। यह युवक ट्रक के ऊपर बिना किसी सेफ्टी बेल्ट और हेलमेट के खड़ा होकर पैरों से कोयले को नीचे सड़क पर धकेल रहा है, ऐसे में जरा सी चूक बड़ी दुर्घटना में बदल सकती थी।
बताया जा रहा है कि बाद में सड़क पर बिखरे कोयले को समेटने के लिए दो लोडर मंगाए गए, जिससे जाम जैसी स्थिति थोड़े समय के लिए बन गई। सवा य है कि आखिर बीना, कृष्णशिला या खड़िया में से किस परियोजना से यह ओवरलोड ट्रेलर बिना चेकिंग के बाहर निकला? क्या डिस्पैच के समय डाला लॉक और वजन की जांच नहीं होती? जिस ट्रेलर का हाइड्रोलिक फाटक चलते-चलते खुल जाए, उसकी फिटनेस कैसे पास है? ट्रक नंबर यूपी 64 AT 8076 की फिटनेस, परमिट और पीयूसी की जांच होनी चाहिए। शक्तिनगर से बीना तक प्रतिदिन सैकड़ों कोयला लदे ट्रक नियमों का उल्लंघन करते दौड़ रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदारो के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है, कार्रवाई के नाम पर कोरम पूरा किया जाता है। इस तरह के परिवहन करने वाले वाहनो पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194(1) में ओवरलोड परिवहन करने पर 20 हजार जुर्माना और धारा 190(2) में अनफिट वाहन पर कार्रवाई का प्रावधान है, फिर जांच कर कार्रवाई क्यों नहीं? स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर गिरा कोयला बाइक सवारों के लिए मौत का जाल बन जाता है। कई बार बाइक स्लिप होने से हादसे हो चुके हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि ट्रक संख्या यूपी 64 AT 8076 के मालिक और संबंधित ट्रांसपोर्टर के खिलाफ ओवरलोडिंग और सड़क पर खतरनाक तरीके से माल बिखेरने के मामले में कार्रवाई की जाए और एनसीएल की कोयला डिस्पैच प्रणाली की जांच कराई जाए।
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