Breaking News
Home / खबरे / सोनभद्र में कथित एनसीएल खड़िया में ओबी निकाल रही एस ए यादव की बस में भूसे की तरह श्रमिकों को ढोने का वीडियो वायरल

सोनभद्र में कथित एनसीएल खड़िया में ओबी निकाल रही एस ए यादव की बस में भूसे की तरह श्रमिकों को ढोने का वीडियो वायरल


यूपी -सोनभद्र

दिनांक -25/10/2026

रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

 

लोगों ने डीएम से वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर NCL और कंपनी के जिम्मेदारो पर कार्रवाई कि मांग कि

लोगों ने जिलाधिकारी से एनसीएल खड़िया बैरियर के पास लगे सीसीटीवी फुटेज कि जांच कर कार्रवाई कि मांग कि

सोनभद्र। सोनभद्र में शक्ति नगर क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि बस में श्रमिकों को भूसे की तरह भरकर ले जाया जा रहा है, बस में खड़े होने तक की भी जगह ठीक से नहीं है, श्रमिक एक दूसरे से सटकर बस में खड़े हैं। कुछ श्रमिक बस कि गेट के पास खड़े हैं।
सूत्रों अनुसार यह वायरल वीडियो एनसीएल खड़िया परियोजना खदान क्षेत्र का बताया जा रहा है। सूत्रों अनुसार बस में सवार श्रमिक ओबी निकाल रही एस ए यादव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हैं। सूत्रों का कहना है कि वीडियो रविवार का है और बस श्रमिकों को लेकर खदान की तरफ जा रही थी। हालांकि न्यूज पॉइंट इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है कि वीडियो में किस कंपनी के श्रमिक बस में सफर कर रहे, वायरल वीडियो कब का है, किस शिफ्ट का है, और किस जगह का है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने जिलाधिकारी चर्चित गौड़ से वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर एनसीएल खड़िया परियोजना के खदान प्रवेशद्वार के पास लगे सीसीटीवी कैमरे कि फुटेज निकलवाकर जांच कर एनसीएल व कंपनी के जिम्मेदारो पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई कि मांग कि है। एक बात तो स्पष्ट है वायरल वीडियो देखने से यह तो जरूर समझा जा सकता है कि संचालित बस नियमों को ताकपर रखकर परिवहन कर रही है। ज्यादातर श्रमिक सीट पर सही से नहीं बैठे है। बस में देखा जा सकता है अधिकतर श्रमिक खड़े हैं, ऊपर की रॉड पकड़े हैं, कुछ लोग बस कि गेट के पास ही खड़े हैं। बस खदान के अंदर कच्ची और पत्थर वाली सड़क पर चल रही है,अगल बगल बाहर कि ओर ओबी मिट्टी का ढेर जैसा वायरल वीडियो में देखने से प्रतीत हो रहा है। जिस वाहन में श्रमिक सफर कर रहे हैं यह उनके लिए आखिरी सफर भी हो सकता था, क्योंकि जरा सी चूक हुई तो बड़ी घटना हो सकती है। सवारियों को बस में बैठाने के लिए सरकार एवं एनसीएल दोनों के नियम बने हुए हैं, लेकिन इस वीडियो में उन सभी नियमों कि धज्जियां उड़ते देखा जा सकता है। वायरल वीडियो में जिस भी कंपनी कि बस है उसने खुलेआम मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 194 के अनुसार तय सीट से ज्यादा सवारी बैठाना अपराध कि श्रेणी में माना गया है, इसके साथ ही जितनी सीट उतने ही सवारी बैठ सकते है। बस में खड़े होकर यात्रा कराना भी ओवरलोड परिवहन में ही आता है। इस पर चालक और मालिक दोनों पर जुर्माना और वाहन सीज तक की कार्रवाई होती है।
मोटर वाहन नियम के अनुसार बस का फिटनेस सहित ब्रेक, टायर, गेट, इमरजेंसी खिड़की सब सही होना चाहिए। ओवरलोड बस में ब्रेक फेल होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। डीजीएमएस और एनसीएल के खान सुरक्षा नियम के अनुसार खदान में श्रमिकों को ले जाने वाली बसों में कोई भी श्रमिक खड़ा होकर नहीं जा सकता। सभी श्रमिकों को सीट पर बैठाना आवश्यक है। खदान के अंदर ओवरलोड बस चलाना खान सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है। ओबी कंपनी का ठेका लेने वाली कंपनी को एनसीएल खड़िया से तय शर्त के अनुसार हर शिफ्ट में पर्याप्त बसें चलानी होती हैं। एक बस में दो शिफ्ट के मजदूर भर देना नियम के खिलाफ है। फिलहाल पुलिस, यातायात विभाग, आरटीओ और जिलाधिकारी सोनभद्र को इस वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। खड़िया परियोजना के खदान प्रवेश द्वार के पास लगे सीसीटीवी फुटेज से स्थिति स्पष्ट हो जाएगा कि कंपनी ये रोज करती है या कभी कभार। एनसीएल खड़िया परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि उनकी निगरानी में ही ये बसें चल रही हैं। कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना न हो। सूत्रों अनुसार श्रमिको में भय बना रहता है कि कहीं भी शिकायत करने या मीडिया में प्रसारित होने पर उन्हें कार्य से निकाल दिया जाएगा इसलिए वह अपनी जान जोखिम में डालकर इस तरह सफर करने को मजबूर हैं। अब सवाल यह है कि अगर बस पलट गई तो जिम्मेदार कौन होगा? क्या कंपनी पैसे बचाने के चक्कर में श्रमिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है ?सोनभद्र जिलाधिकारी को इस ओर ध्यान देकर मामले की जांच कराकर दोषी कंपनी और एनसीएल खड़िया के संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए । अब सवाल यह है कि सोनभद्र जिलाधिकारी चर्चित गौड़ वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर एनसीएल खड़िया परियोजना खदान प्रवेशद्वार के पास बैरियर के समीप लगे सीसीटीवी कैमरे कि फुटेज जांच कराकर दोषी पाए जाने पर दोनों कंपनियों के जिम्मेदारो पर कार्रवाई करते हैं या फिर नियमों का पालन करना सिर्फ आम जनमानस के लिए ही बनकर रह जाएगा?

News Point 24×7

{“remix_data”:[],”remix_entry_point”:”challenges”,”source_tags”:[“local”],”origin”:”unknown”,”total_draw_time”:0,”total_draw_actions”:0,”layers_used”:0,”brushes_used”:0,”photos_added”:0,”total_editor_actions”:{},”tools_used”:{},”is_sticker”:false,”edited_since_last_sticker_save”:false,”containsFTESticker”:false}

About Satish Dubey

Check Also

सोनभद्र में चोपन पुलिस अवैध खनन से कमाए 83 लाख रुपये के दो ट्रक कुर्क किए 

🔊 पोस्ट को सुनें यूपी -सोनभद्र   दिनांक -25/10/2026   रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *