यूपी -सोनभद्र
दिनांक 8/6/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

जानकारी के बावजूद सुरक्षा विभाग धृतराष्ट्र की भूमिका में

सोनभद्र। शक्तिनगर स्थित एनसीएल खड़िया परियोजना की भूमि पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर मकान निर्माण की चर्चा जोरों पर है साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि परियोजना की भूमि पर बेधड़क तरीके से निर्माण कार्य कराया जा रहा है जबकि इसकी इसकी जानकारी एनसीएल खड़िया परियोजना के सुरक्षा विभाग और जिम्मेदारों को होने के बाद प्रभावी कार्रवाई के बजाय चुप्पी क्यों साधे हुए हैं कहीं न कहीं मौन सहमति की गुंजाइश लगती है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जिस भूमि पर निर्माण कार्य हो रहा है वह परियोजना के अधीन है इसके बाद भी निर्माण कार्य जारी है। अब सवाल यह है कि किसके संरक्षण में अवैध कब्जा कर मकान निर्माण का कार्य चल रहा है? और संबंधित विभाग द्वारा अबतक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पूर्व में भी एनसीएल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समय समय पर सवालियां निशान लगते रहे हैं। इसके साथ ही डीजल, कबाड़, सहित परियोजना की सम्पत्तियो की सुरक्षा को लेकर भी पूर्व में शिकायतें मिलती रही है। अब ताजा मामला परियोजना की भूमि पर मकान निर्माण का सामने आया है जिसके बाद सुरक्षा विभाग पर सवालिया निशान उठना लाजमी है? ग्रामीणों का कहना है यदि भूमि वास्तविक रुप में किसी व्यक्ति के स्वामित्व वाली है तो परियोजना को स्थिति स्पष्ट कर भ्रम दूर करना चाहिए। क्षेत्र के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कि है। आपको अवगत करा दे की पूर्व में एनसीएल खड़िया परियोजना अपने भूमि से अभियान चलाकर अवैध अतिक्रमण हटाने का काम करता रहा है लेकिन सवाल यह है कि आखिर भूमियों पर पहले कब्जा किसके संरक्षण या मिलिभगत से करा दिया जाता है मामला तूल पकड़ने पर उन्हें कब्जों को ढहाकर वाह वाही लूटीं जाती है। पूर्व में बस स्टैंड स्थित एनसीएल खड़िया परियोजना की भूमि पर एक अवैध होटल को ढहाया गया था । सवाल यह है की उतने बड़े होटल को बनने में दो से तीन माह का वक्त लगा होगा तो क्या परियोजना प्रबंधन या सुरक्षा विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी कि परियोजना की भूमि पर अवैध निर्माण हो रहा है कुछ वर्षों बाद अवैध अतिक्रमण के नाम पर उसी होटल को ढहाकर वाह वाही लूटीं गई जो प्रबंधन व सुरक्षा विभाग की मिलिभगत की ओर कहीं न कहीं इशारा करता है। ठीक उसी प्रकार अब जब अवैध मकान निर्माण कार्य चल रहा है मामले की जानकारी सुरक्षा विभाग को भी है तो वह जांच कर कार्रवाई करने के बजाय धृतराष्ट्र की भूमिका में क्यों है? ग्रामीणों की जांच की मांग मे निर्माणाधीन भूमि किसके स्वामित्व की है, भूमि एनसीएल खड़िया परियोजना की है तो निर्माण कार्य क्यो नही रोका जा रहा, सुरक्षा विभाग व संबंधित भूमि विभाग के जिम्मेदार क्यों मौन है, किसके संरक्षण में निर्माण कार्य हो रहा है, मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी की बात कर रहे हैं।
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