Breaking News
Home / खबरे / *रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 खनिज परिवहन परमिट तैयार कर अवैध खनिज परिवहन करने वाले गिरोह के 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया*

*रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 खनिज परिवहन परमिट तैयार कर अवैध खनिज परिवहन करने वाले गिरोह के 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया*


यूपी -सोनभद्र

 

दिनांक 1/7/2026

 

रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

 

 

लैपटॉप, प्रिंटर एवं सिक्योरिटी पेपर बरामद, 3 अभियुक्तों की तलाश जारी

सोनभद्र। सोनभद्र एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद में अवैध खनन एवं अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा राबर्ट्संगज, खनन निरीक्षक अतुल दूबे ने सफलता प्राप्त कि है। प्रकरण की विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों एवं मुखबिर की सूचना पर वाहन चालक दिलीप प्रजापति को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पुलिस अनुसार पूछताछ में उसने बताया कि अश्वनी कुमार पटेल, हिमांशु पाण्डेय, मोहन उर्फ अजय कुमार तथा AK इंटरप्राइजेज, बिल्ली मारकुंडी के संचालक सुरेश कुमार पाठक एवं उनके कर्मचारियों के साथ मिलकर पुराने ई-फॉर्म C/MM-11 में वाहन संख्या, दिनांक एवं समय आदि में परिवर्तन कर फर्जी परमिट तैयार किए जाते थे तथा उन्हीं के माध्यम से गिट्टी का अवैध परिवहन कराया जाता था।

अभियुक्त दिलीप प्रजापति की निशानदेही पर AK इंटरप्राइजेज, बिल्ली मारकुंडी स्थित कार्यालय पर दबिश दी गई, जहाँ से अमरनाथ त्रिपाठी उर्फ राजू त्रिपाठी, रितेश कुमार जायसवाल, मोहन उर्फ अजय कुमार एवं संतोष कुमार जायसवाल को दिनांक 1.7.2026 बुधवार को लगभग 8 बजकर 55 मिनट पर गिरफ्तार किया गया। मौके से फर्जी परमिट तैयार करने में प्रयुक्त लैपटॉप, प्रिंटर, सिक्योरिटी पेपर एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।

 

वीओ – अभियुक्तों के विरुद्ध रॉबर्ट्सगंज थाना पर विभिन्न धाराओं सहित बीएनएस व 4/21 खान व खनिज अधिनियम एवं 3 सार्वजनिक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम का अभियोग पंजीकृत कर, अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 तैयार करने में प्रयुक्त एक अदद Dell कम्पनी का लैपटॉप।

HP LaserJet Pro प्रिंटर, सिक्योरिटी पेपर के 3 बण्डलों में कुल 748 सेट अप्रयुक्त

4.17 बण्डलों में लगभग 1000 प्रयुक्त ई-फॉर्म C/MM-11 प्रथम प्रतियां जिनका उपयोग फर्जी परमिट तैयार करने में किया जाता था। फर्जी परमिट निर्माण एवं अवैध खनिज परिवहन से संबंधित अन्य अभिलेख एवं दस्तावेज।

 

वीओ – गिरफ़्तार अभियुक्तों में

दिलीप प्रजापति पुत्र गोविन्द प्रजापति, निवासी ग्राम बोझ, थाना नौगढ़, जनपद चन्दौली, चालक, अमरनाथ त्रिपाठी उर्फ राजू त्रिपाठी पुत्र राधेश्याम त्रिपाठी, निवासी ग्राम भदावर, थाना जमालपुर, जनपद मिर्जापुर, रितेश कुमार जायसवाल पुत्र विनय कुमार, निवासी कोटा, थाना चोपन, जनपद सोनभद्र।, संतोष कुमार जायसवाल पुत्र उदय शाह, निवासी केतार, थाना केतार, जनपद गढ़वा झारखण्ड,

मोहन उर्फ अजय कुमार पुत्र राजेन्द्र प्रसाद, निवासी ग्राम डाला, थाना चोपन, जनपद सोनभद्र है।वांछित अभियुक्तों में

अश्वनी कुमार पटेल पुत्र मनोज सिंह पटेल, निवासी कुरा कला, थाना पन्नूगंज, जनपद सोनभद्र।

, हिमांशु पाण्डेय पुत्र राजकुमार पाण्डेय, निवासी प्रीत नगर, थाना चोपन, जनपद सोनभद्र।, सुरेश कुमार पाठक पुत्र स्व. कैलाश नाथ पाठक, निवासी भदीवा अमौली, थाना सारनाथ, जनपद वाराणसी (प्रोपराइटर, AK इंटरप्राइजेज, बिल्ली मारकुंडी है।

 

पुलिस अनुसार पूछताछ में अभियुक्त दिलीप प्रजापति ने बताया कि वह अश्वनी कुमार पटेल के हाइवा वाहन संख्या UP64AT5155 का चालक है। दिनांक 22/23.6.2026 को अश्वनी कुमार पटेल एवं उसके साथियों द्वारा AK इंटरप्राइजेज से पुराने ई-फॉर्म C/MM-11 प्राप्त कर उनमें कम्प्यूटर के माध्यम से वाहन संख्या, दिनांक, समय एवं अन्य विवरणों में परिवर्तन कराया गया तथा उसी फर्जी परमिट के आधार पर विंध्याचल स्टोन, बिल्ली मारकुंडी से गिट्टी लोड कराकर उसे परिवहन हेतु दिया गया। अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि उसे प्रत्येक चक्कर के एवज में 5,000 रुपये देने का लालच दिया गया था, जिस कारण उसने जानबूझकर फर्जी परमिट का प्रयोग करते हुए वाहन का संचालन किया, अश्वनी कुमार पटेल, हिमांशु पाण्डेय एवं मोहन उर्फ अजय कुमार खनन क्षेत्र से समन्वय स्थापित कर गिट्टी लोड कराने, परिवहन की व्यवस्था करने तथा वाहन चालकों को निर्देश देने का कार्य करते थे। AK इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर सुरेश कुमार पाठक तथा उसके कर्मचारी अमरनाथ त्रिपाठी, रितेश कुमार जायसवाल एवं संतोष कुमार जायसवाल पुराने प्रयुक्त ई-फॉर्म C/MM-11 एवं सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराते थे तथा लैपटॉप एवं प्रिंटर की सहायता से उनमें वाहन संख्या, दिनांक, समय एवं अन्य आवश्यक विवरणों में परिवर्तन कर उन्हें वास्तविक परमिट का स्वरूप देकर पुनः उपयोग में लाते थे। पूछताछ के दौरान यह भी प्रकाश में आया कि AK इंटरप्राइजेज का लाइसेंस दिनांक 8.6.2026 तक ही वैध था, किन्तु लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के उपरांत भी उसी के नाम पर जारी सिक्योरिटी पेपर एवं प्रयुक्त परमिटों का दुरुपयोग कर फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 तैयार किए जाते रहे तथा उनके आधार पर अवैध खनिज परिवहन कराया जाता रहा।

 

बाइट ( अभिषेक वर्मा एसपी सोनभद्र)

News Point 24×7

{“remix_data”:[],”remix_entry_point”:”challenges”,”source_tags”:[“local”],”origin”:”unknown”,”total_draw_time”:0,”total_draw_actions”:0,”layers_used”:0,”brushes_used”:0,”photos_added”:0,”total_editor_actions”:{},”tools_used”:{},”is_sticker”:false,”edited_since_last_sticker_save”:false,”containsFTESticker”:false}

About Satish Dubey

Check Also

सोनभद्र के ओबरा में अधिवक्ताओं ने स्टांप पंजीयन मंत्री के नाम नवीन दर सूची को लेकर सब रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपा 

🔊 पोस्ट को सुनें यूपी -सोनभद्र   दिनांक -28/7/2026   रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *