यूपी -सोनभद्र
दिनांक -19/8/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार

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मजदूरों का आरोप नियमित मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा,14 अप्रैल का भुगतान किया जाए
एनसीएल खड़िया प्रबंधन को मांगों का पत्र सौंपा
सूत्रों के अनुसार कंपनी कई मजदूरो से बिना बी फार्म भरवाए कार्य करा रहीं
कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी बड़े स्तर पर कर रहे घोटाला
मजदूरों को मेस में केवल चावल,दाल, सब्जी ही मिल रहा, रोटी गायब
समय पर मजदूरी का भुगतान न करना कंपनी कि आदत
सोनभद्र। शक्ति नगर स्थित एनसीएल खड़िया परियोजना में ओबी निकाल रही एस ए यादव कंपनी के मजदूर बुधवार को खड़िया परियोजना महाप्रबंधक कार्यालय पर 14 अप्रैल के पैसे का भुगतान समय पर मजदूरी का भुगतान तथा बिना कारण कंपनी द्वारा कार्य बंद करने का नोटिस चस्पा करने से आक्रोशित मजदूर महाप्रबंधक कार्यालय पर पहुंचकर कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों व कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर महाप्रबंधक के नाम कार्य नियमित कार्य बहाली मजदूरी का भुगतान व 14 अप्रैल का भुगतान कि मांग कि। मजदूरों ने पत्र में बताया कि लगातार बरसात होने का हवाला देकर कंपनी द्वारा तानाशाही रवैया अपनाते हुए अचानक दो दिनों से कार्य बंद कर दिया गया जिससे मजदूरों पर रोजी-रोटी का संकट आ पड़ा है। उन्होंने समय पर मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। जून माह का भी मजदूरों का भुगतान नहीं किया जा रहा है ऐसी समस्या लंबे समय से चली आ रही है। किसी माह का आधा तो किसी माह में मजदूरों कि मजदूरी का भुगतान ही नहीं हुआ कंपनी का यह रवैया बीते एक डेढ़ वर्षों से चला आ रहा है जबकि कंपनी के अधिकारियों को समय पर भुगतान हो जाता है तो आखिर मजदूरों कि मजदूरी का भुगतान समय पर क्यों नहीं हो रहा है, जबकि उनसे कार्य पूरी सख्ती के साथ लिया जाता है। मजदूरों ने वाघमारे से लेकर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर तानाशाही का आरोप लगाया है। वहीं कंपनी में मैकेनिकल विभाग के इंचार्ज पर मजदूरों से ज्यादा समय तक ड्यूटी कराने एवं कुछ मजदूर ऐसे भी हैं जो बिना बी फार्म भरे कार्य कर रहे हैं। इससे साफ पता चलता है कि कंपनी द्वारा मजदूरों का आर्थिक सहित मानसिक व शारीरिक शोषण लगातार किया जा रहा है। एनसीएल खड़िया परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों के मिलीभगत से पहले ही विस्थापितों को दरकिनार कर भर्तियां की गई है और गैर विस्थापितों व जिले, राज्यों के लोगों को धन उगाही कर काम दिया गया है जिसकी खबरें अक्सर मीडिया में प्रसारित होती रही है। जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर मजदूरों के शोषण पर रोक लगाने सहित कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों कि भूमिका कि निष्पक्ष जांच करनी चाहिए जिससे मजदूरों को उनका हक मिल सकें एवं विस्थापितों को न्याय मिले। कंपनी के वाघमारे सहित अन्य अधिकारियों के मोबाइल नंबरो सहित मजदूरों से अगर इस बारे में वार्ता किया जाए तो इनकि भूमिका स्पष्ट हो जाएगी। माननीय मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को इस ओर ध्यान देकर उच्चस्तरीय जांच जल्द से जल्द करानी चाहिए, कंपनी के अधिकारियों द्वारा मजदूरों का लगातार शोषण जारी है जो मजदूर आवाज उठाता है उसके खिलाफ कंपनी के अधिकारियों द्वारा लगातार दबाव डालकर आवाज दबाई जाती है पिछले माह भी मजदूर भुगतान को लेकर आक्रोशित हुए थे और एक मजदूर पर बयान बदलने का भी दबाव डाला गया था। कंपनी द्वारा कई ऐसे लोगों को नौकरी पर रखा गया है जो क्षेत्र कि खबरों को कंपनी के अधिकारियों तक पहुंचा सकें और आवाज उठाने वाले को दबाव डालकर आवाज दबाई जा सकें। दोपहर दो बजे तक मजदूर अपनी मांगों को लेकर परियोजना कार्यालय पर डटे हुए थे।
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