यूपी – सोनभद्र
दिनांक – 07/10/2026
रिपोर्ट – सतीश दुबे / शत्रुघ्न कुमार

सोनभद्र | सोनभद्र के म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र में बच्चों की शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यवहारिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से जेम 2.0 के तहत स्टैंडर्ड-8 पायलट प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पढ़ने-लिखने के साथ-साथ अपने आसपास की दुनिया, भौगोलिक परिस्थितियों और दैनिक जीवन से जोड़ते हुए व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर देना है।
म्योरपुर क्षेत्र के करौलिया उच्च माध्यमिक विद्यालय में संचालित इस पायलट प्रोग्राम के तहत बच्चों को अनुपयोगी और वेस्ट सामानों का रचनात्मक इस्तेमाल करते हुए मॉडल और विभिन्न गतिविधियां तैयार कराई जा रही हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों की कल्पनाशीलता, समझ, व्यवहारिक ज्ञान और प्रतिभा को निखारने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। टीम मेंबर रवि कुमार के निर्देशन में करीब 40 कार्य दिवसों के दौरान बच्चों को पढ़ने-लिखने के साथ-साथ प्रैक्टिकल तरीके से सीखने और अपनी प्रतिभा को सामने लाने के लिए तैयार किया गया।
इस पहल का मकसद बच्चों को उनकी स्थानीय परिस्थितियों और वास्तविक जीवन से जोड़ना है, ताकि शिक्षा उनके लिए केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि उनके सोचने और समस्याओं को समझने के तरीके में भी सकारात्मक बदलाव आए।
कार्यक्रम के निरीक्षण के दौरान म्योरपुर ब्लॉक के एबीएसए सुनील कुमार ने बच्चों द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्ट और गतिविधियों को देखा तथा इस पहल की जानकारी ली।
वहीं एनटीपीसी शक्तिनगर के सीएसआर हेड कुमार आदर्श, करौलिया पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कमलेश कुमारी और प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के प्रोजेक्ट इंचार्ज राहुल प्रजापति सहित टीम के सदस्यों की मौजूदगी रही।
बच्चों में शिक्षा के साथ व्यवहारिक समझ और रचनात्मक क्षमता विकसित करने की दिशा में इस तरह के कार्यक्रमों की भूमिका।कुमार आदर्श, सीएसआर हेड, एनटीपीसी शक्तिनगर सीएसआर के माध्यम से शिक्षा और बच्चों की प्रतिभा विकास को बढ़ावा देने की पहल।
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