यूपी – सोनभद्र
दिनांक – 07/10/2026
रिपोर्ट – सतीश दुबे / शत्रुघ्न कुमार

राख परिवहन को लेकर दो दिन से जारी विरोध खत्म, स्कूल टाइम में राख वाहनों के संचालन पर रोक

सोनभद्र | सोनभद्र के शक्तिनगर क्षेत्र में राख परिवहन को लेकर दो दिनों से जारी ग्रामीणों का विरोध आखिरकार वार्ता के बाद समाप्त हो गया। ग्राम पंचायत कोटा में एनटीपीसी अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी।
ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग थी कि स्कूली बच्चों के आने-जाने के समय राख लदे वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रखा जाए। एनटीपीसी विंध्याचल और एनटीपीसी शक्तिनगर की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने शर्तों के साथ राख परिवहन दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई है।दरअसल, 5 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे राख परिवहन से परेशान ग्रामीणों ने कोटा क्षेत्र में राख लदे वाहनों का आवागमन रोक दिया था।ग्रामीणों का आरोप था कि लगातार राख वाहनों के संचालन से सड़क पर धूल और राख उड़ती है, जिससे स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों, ग्रामीणों और खासकर स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।मामले की जानकारी ग्राम प्रधान प्रमोद तिवारी की ओर से एनटीपीसी अधिकारियों और स्थानीय थाना प्रशासन को दी गई थी।दो दिनों तक राख परिवहन प्रभावित रहने के बाद 7 अक्टूबर को एनटीपीसी अधिकारियों और शक्तिनगर थाना प्रभारी सत्येंद्र राय की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ विस्तृत वार्ता हुई।
बैठक में ग्राम प्रधान प्रमोद तिवारी के साथ ग्रामीण बेला देवी, आशीष चौबे, सुशील गिरी, संदीप गुप्ता समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
काफी देर तक चली वार्ता में ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति, सड़क पर जमा राख और राख वाहनों के गुजरने के दौरान उड़ने वाली धूल की समस्या अधिकारियों के सामने रखी। स्कूल टाइम पर बड़ा फैसला
वार्ता के दौरान ग्रामीणों की सबसे प्रमुख मांग स्कूल टाइम में राख वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की रही।
सहमति के अनुसार—
सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक
और दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक राख वाहनों का आवागमन बंद रहेगा।इस व्यवस्था का उद्देश्य स्कूली बच्चों और आम राहगीरों को राख वाहनों से होने वाली परेशानी से बचाना है। सड़क और धूल की समस्या इसके अलावा सड़क की मरम्मत कराने, सड़क पर नियमित झाड़ू लगाने और पर्याप्त मात्रा में पानी का नियमित छिड़काव कराने को लेकर भी आश्वासन दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे राख परिवहन के पूरी तरह विरोध में नहीं हैं, लेकिन परिवहन के साथ सड़क, पर्यावरण, स्वास्थ्य और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान होना जरूरी है। लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ विरोध एनटीपीसी विंध्याचल और एनटीपीसी शक्तिनगर की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने निर्धारित शर्तों के साथ राख परिवहन दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई।हालांकि ग्रामीणों ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर लिखित सहमति के मुताबिक व्यवस्थाएं लागू नहीं हुईं, स्कूल टाइम में राख वाहनों का संचालन फिर शुरू हुआ या सड़क की सफाई, पानी के छिड़काव और मरम्मत में लापरवाही बरती गई, तो वे दोबारा राख परिवहन रोकने का निर्णय ले सकते हैं।फिलहाल लिखित आश्वासन के बाद कोटा क्षेत्र में राख परिवहन दोबारा शुरू हो गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से दिए गए आश्वासन जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू होते हैं।खास तौर पर स्कूल टाइम में राख वाहनों पर रोक, सड़क की मरम्मत, नियमित झाड़ू और पानी के छिड़काव की व्यवस्था पर ग्रामीणों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भी नजर रहेगी।
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