यूपी -सोनभद्र
दिनांक -1/10/2026
रिपोर्ट -सतीश दुबे -शत्रुघ्न कुमार
एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंचने का लगा आरोप
सोनभद्र। सोनभद्र में बीजपुर स्थित एनटीपीसी रिहंद के कथित कर्मचारी विकास केंद्र ईडीसी के सामने गुरुवार सुबह करीब 9 बजे एक गर्भवती महिला को सड़क पर ही प्रसव करना पड़ा। कथित तौर पर डोडहर निवासी अर्जुन की पत्नी रेशमा को समय पर एंबुलेंस न मिलने से यह स्थिति बनने की बात कही गई। बाद में एंबुलेंस आने पर जच्चा-बच्चा को धन्वंतरी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। पीड़ित के पति अर्जुन बताया, पत्नी नहर की तरफ से आ रही थी। सुबह 8 बजे से ही लेबर पेन शुरू हो गया था। हम लोग ईडीसी के सामने पहुंचे और एंबुलेंस के लिए फोन लगाते रहे। करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई। वहाँ कोई महिला मदद के लिए भी नहीं आ रही थी। ड्यूटी जा रहे लोग रास्ते से गुजरते रहे, देखते रहे, वीडियो बनाते रहे। जब एनटीपीसी के किसी व्यक्ति ने संपर्क किया तब जाकर एक घंटे बाद एंबुलेंस आई। अधिकारी भी उसी रास्ते से गुजरे, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में ले जाने के बाद उनसे 10 हजार रुपये की मांग की गई। उनका कहना है, डिलीवरी तो रोड पर ही हो गई थी। हालांकि पैसे की मांग वाले आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ईडीसी से धन्वंतरी अस्पताल की दूरी महज 1 से 1.5 किलोमीटर है। ऐसे में सवाल है कि अगर परिजन सुबह 8 बजे से लगातार फोन कर रहे थे, तो एंबुलेंस को मौके पर पहुंचने में एक घंटे का समय क्यों लगा? पूरे मामले में अभी तक एनटीपीसी रिहंद प्रबंधन या धन्वंतरी अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बाइट ( अर्जून, पीड़ित के पति सोनभद्र)
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